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विश्वनाथ मंदिर कहां स्थित है?

विश्वनाथ मंदिर कहां स्थित है?
विश्वनाथ मंदिर
विश्वनाथ मंदिर की फोटो

विश्वनाथ मंदिर भारत देश के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जनपद के गुप्तकाशी में स्थित है। जो समुद्र तल से 1319 फिट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां मंदिर गुप्तकाशी, गौरीकुंड मार्ग के रास्ते में यह मंदिर पड़ता है। जाे रुद्रप्रयाग से 43 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण आठवें शताब्दी में हुआ था। यह हिमालय पर्वत के पास बसा एक प्राचीन मंदिर है।

विश्वनाथ मंदिर का परिचय

विश्वनाथ मंदिर एक प्राचीन मंदिर है यह मंदिर केदारनाथ मार्ग में मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव और विश्वनाथ को समर्पित है। यहां पर एक छोटा सा मंदिर भी हैं। जो विश्वनाथ के लिए प्रसिद्ध हैं।

इसी के पास में एक और मंदिर भी है जो अर्धनारेश्वर को समर्पित है। जहाँ आधा पुरुष आधा महिला शिव पार्वती का रूप माना जाता है। माना जाता है कि प्रवेश द्वार पर दाे द्वारपाल है। बाहरी मन्दिर द्वार पर कमल के चित्रित किया गया है। प्रवेश द्वार भैरवनाथ कि एक छवि है। जाे भगवान शंकर का भयानक रूप माना जाता है।

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विश्वनाथ मंदिर का इतिहास

विश्वनाथ मंदिर
विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी

माना जाता है कि महाभारत में कौरव पांडव ने मारा था उसका पाप पांडवों को लगा था। पांडव पाप से मुक्ति के लिए शिव के दर्शन के लिए आये थें। जहां शिव ध्यान में बैठे रहते हैं। फिर पांडव काे देखकर भागते रहते हैं। फिर शंकर यहां से अंतर्ध्यान हो गए थे।

माना जाता है कि यहां का शिवलिंग काशी विश्वनाथ का कहा गया हैं। यहां पर एक अर्धनारीश्वर मंदिर, मणितडिका कुण्ड के रूप में समेट है। इस मंदिर को केदारनाथ का मुख्य पड़ाव भी कहा जाता है। माना जाता है कि विश्वनाथ मंदिर तीन काशीयाें रूपाें में प्रसिद्ध है।

भागीरथी के किनारे (उत्तरकाशी), वाराणसी,(विश्वनाथ मंदिर) गुप्तकाशी ( विश्वनाथ मंदिर) तीन रूप में प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां पर कुंड में (बाएँ) तरफ से गंगा और (दाएं) तरफ से यमुना आती है।

जहाँ से पांडव जल लेकर शिव का अभिषेक किया। और माता पार्वती का ध्यान भी किया। जिसमें मां पार्वती ने माता अर्धनारीश्वर के रूप में पांडवों को दर्शन दिए। ओर फिर पांडवों ने केदारनाथ की और चले गए।

विश्वनाथ मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य

विश्वनाथ मंदिर प्रसिद्ध मंदिरों में से एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ के मंदिर की सुंदरता काे देखकर तीर्थ यात्रियों को अपनी और आकर्षित करता है । यहाँ कदम कदम प्रत्येक 5,10 किलोमीटर देवी देवताओं के मंदिर स्थित है। यहाँ पहाड़ीहाेने के कारण यहाँ के रास्ते, सडक माेटर मोटर मार्ग टेढ़े मेढ़े हैं।

उत्तराखंड का प्राकृतिक सौंदर्य
उत्तराखंड पर्वतीय क्षेत्र

यहाँ की खूबसूरती का अंदाजा, पेड़ पौधे, पर्वत ,पठार, नदियां ,झील ,मंदिर, इत्यादि प्राकृतिक सौंदर्य से लाेगाें यहाँ आते है। माना जाता है कि यहाँ पर पानी मंदिर के अंदर के पीछे पर्वत शिखार से आता है।

तथा मंदिर के पीछे पहाड़ी पर बर्फ से ढका पर्वत शिखर का दिखाई देते हैं। यहां पर प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु लोग आते हैं। तथा यहां के कपाट वर्ष भर खुले रहते हैं।

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